Sirsa News : चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के ऊर्जा एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग तथा वनस्पति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वाधान में विश्वविद्यालय के सी.वी. रमन सेमिनार हॉल में ऑर्गेनिक वेस्ट के सतत प्रबंधन में विविध सूक्ष्मजीवों के अनुप्रयोग विषय पर एक व्याख्यान आयोजित हुआ ।
Sirsa News : चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के ऊर्जा एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग तथा वनस्पति विज्ञान विभाग में आयोजित हुआ ऑर्गेनिक वेस्ट के सतत प्रबंधन में विविध सूक्ष्मजीवों के अनुप्रयोग का व्याख्यान
मुख्य वक्ता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जीव विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं सूक्ष्म जीव विज्ञान विशेषज्ञ प्रो. के. आर. अनेजा ने अपने विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यानों के माध्यम से छात्रों एवं शोधकर्ताओं को महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की ।
प्रो. के. आर. अनेजा ने कहा कि विभिन्न प्रकार के सूक्ष्मजीव, विशेष रूप से कवक, जीवाणु और अन्य, जैविक कचरे के स्थायी और वैज्ञानिक प्रबंधन में अत्यंत प्रभावी भूमिका निभाते हैं । उन्होंने बताया कि फसल अवशेष, रसोई अपशिष्ट, बगीचे का अपशिष्ट, मल और पशु अपशिष्ट जैसे जैविक अपशिष्टों को सूक्ष्मजीवी प्रक्रियाओं के माध्यम से उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित किया जा सकता है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आती है । Sirsa News
उन्होंने कहा कि सूक्ष्मजीवों की सही पहचान, उनकी विविधता और वर्गीकरण को समझना किसी भी वैज्ञानिक प्रबंधन का आधार है । सूक्ष्मजीवी तंत्र की समझ जितनी गहरी होगी, हम उतनी ही प्रभावी और टिकाऊ तकनीकें विकसित कर पाएँगे ।
प्रो. के. आर. अनेजा ने छात्रों को यह भी समझाया कि सूक्ष्मजीव-आधारित समाधान न केवल जैविक अपशिष्ट प्रबंधन में, बल्कि वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । उन्होंने बुनियादी सूक्ष्म जीव विज्ञान से लेकर इसके विभिन्न अनुप्रयोगों तक के कई उदाहरण प्रस्तुत किए और भविष्य के पर्यावरणीय समाधानों को सूक्ष्म जीव विज्ञान पर आधारित करने का आह्वान किया । Sirsa News
मुख्य वक्ता का स्वागत एवं परिचय प्रो. एस.के. मोहम्मद काशिफ किदवई ने दिया । उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित यह व्याख्यान छात्रों और शोधकर्ताओं को आधुनिक जैव-वैज्ञानिक विधियों को समझने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगा । Sirsa News
उन्होंने कहा कि सीडीएलयू अनुसंधान, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहता है । इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पर्यावरण मामलों के सलाहकार प्रो. राजकुमार सालार, डॉ. संजू बाला, डॉ. ज्योति, मित्तर सैन, जीव विज्ञान संकाय के शिक्षक एवं शोधकर्ता उपस्थित थे ।