LPG Cylinder Price: जून का पहला दिन देश के छोटे-बड़े रेस्टोरेंट, ढाबा और होटलों के लिए राहत लेकर आया है. तेल कंपनियों ने कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 24 रुपये की कटौती की है. दिल्ली में अब 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर 1,723.50 रुपये में मिलेगा. नई कीमतें 1 जून से लागू होंगी.
लगातार दूसरे महीने कमर्शियल सिलेंडर सस्ता
यह लगातार दूसरा महीना है जब कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में कटौती की गई है. इससे पहले मई में भी कंपनियों ने प्रति सिलेंडर 14.50 रुपये की कटौती की थी. इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और फूड इंडस्ट्री जैसी सेवाओं पर पड़ेगा, जहां गैस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है.
LPG Cylinder Price

एविएशन सेक्टर को भी राहत
केवल कमर्शियल गैस ही नहीं, बल्कि हवाई उड़ानों में इस्तेमाल होने वाला एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) भी सस्ता हो गया है। इसकी कीमत में 4.4 फीसदी यानी 3,954.38 रुपये प्रति किलोलीटर की कटौती की गई है।
ATF की नई कीमत अब 85,486.80 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है। एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइंस के लिए यह बड़ी राहत है, क्योंकि उनके खर्च का 30 फीसदी हिस्सा ईंधन पर ही खर्च होता है।

लगातार तीसरी बार सस्ता हुआ ATF
ATF की कीमतों में यह लगातार तीसरी कटौती है। इससे पहले 1 अप्रैल को इसमें 5,870 रुपये प्रति किलोलीटर की गिरावट आई थी। साल की शुरुआत में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन अब लगातार हो रही कटौती से कीमतों में संतुलन बना हुआ है।
क्यों गिर रही हैं कीमतें?
इन सभी कटौतियों के पीछे सबसे बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 63 डॉलर प्रति बैरल के करीब हैं, जो अप्रैल के बाद सबसे कम है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक सऊदी अरब ने संकेत दिया है कि वह आगे और कटौती नहीं करेगा और कम कीमतों के लंबे दौर के लिए तैयार है। इससे ओपेक की ताकत भी कमजोर हो सकती है।
भारत को होगा सीधा फायदा
भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। जब वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें गिरती हैं, तो भारत का आयात बिल कम होता है। इससे चालू खाता घाटा कम होता है और रुपया मजबूत होता है।
इसके अलावा, तेल की कीमतों में गिरावट से पेट्रोल, डीजल और एटीएफ जैसी वस्तुओं की घरेलू कीमतें भी कम होती हैं, जिससे महंगाई पर भी लगाम लगती है।

सरकार ने उत्पाद शुल्क बढ़ाया, लेकिन आम जनता पर कोई असर नहीं
हाल ही में सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया। लेकिन इससे आम आदमी को कोई झटका नहीं लगा है, क्योंकि सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने इसे खुद वहन करने का फैसला किया है।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से कंपनियों पर बोझ बढ़ सकता है।