Sirsa News : हरियाणा के सिरसा में मेयर यश मलिक ने कहा कि 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर अधिक शादियां आयोजित होती हैं । इस दौरान बाल विवाह का भी खतरा रहता है, इसलिए सभी संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बाल विवाह न हो । बाल विवाह के संबंध में गांव, वार्ड एवं ब्लॉक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाना चाहिए । यदि जनता के पास बाल विवाह से संबंधित कोई प्रश्न हो ।
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मेयर यश मलिक विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे । उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान शुरू किया है । इस अभियान का उद्देश्य लड़कियों को शिक्षा, कौशल और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान करना है ताकि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा सकें । जब लड़कियों को कानून की जानकारी होगी तो वे बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठा सकेंगी । Sirsa News
नगराधीश ने कहा कि अक्षय तृतीया जैसे अवसरों पर कई शादियां बिना उचित सूचना के हो जाती हैं, जिनमें बाल विवाह भी शामिल हो सकते हैं । उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि स्कूल छोड़ चुके बच्चों को पुनः स्कूल से जोड़ें तथा यदि कोई बच्चा स्कूल नहीं आ रहा है तो उसका कारण पता करें । यदि उसकी शादी की योजना बनाई जा रही है तो बाल विवाह निषेध अधिकारी को तुरंत सूचित किया जाना चाहिए ।
उन्होंने सभी आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए । गांव के सरपंचों को बाल विवाह रोकने और लोगों में जागरूकता लाने की जिम्मेदारी भी दी गई । Sirsa News
बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने बताया कि आज भी कई स्थानों पर बाल विवाह के मामले सामने आते हैं । समय से पहले विवाह से लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है । सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को पूरी तरह बाल विवाह मुक्त बनाना है, लेकिन यह तभी संभव होगा जब सभी लोग मिलकर काम करेंगे । Sirsa News
उन्होंने बताया कि सरकार ने बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल शुरू किया है, जहां कोई भी व्यक्ति गोपनीय तरीके से बाल विवाह की सूचना दे सकता है । शिकायत प्राप्त होने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है । पंचायत प्रतिनिधियों को भी इस बारे में जागरूक किया गया है तथा लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं ।
बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने बताया कि आधार कार्ड आयु प्रमाण के लिए मान्य नहीं है । केवल जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट को ही वैध दस्तावेज माना जाएगा । उन्होंने कहा कि शादी से पहले दूल्हा-दुल्हन की उम्र की जांच अवश्य की जानी चाहिए । विवाह तभी तय किया जाना चाहिए जब लड़की की आयु 18 वर्ष और लड़के की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक हो ।
महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक दर्शना सिंह ने बताया कि बाल विवाह की सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा । कोई भी व्यक्ति अपने नजदीकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, सीडीपीओ, पुलिस चौकी या थाने में जाकर अथवा 1098, 112, 181 या 1098 नंबर पर कॉल करके सूचना दे सकता है। यह सूचना पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी । Sirsa News